इमरती देवी का बयान क्यों चर्चा में है?
मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री इमरती देवी का बयान एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। 30 अगस्त 2026 को ओरछा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बीच इमरती देवी की मुलाकात राज्य मंत्री कृष्णा गौर से हुई।
मुलाकात के दौरान इमरती देवी ने कृष्णा गौर को गले लगाया और उनसे कहा कि काफी दिनों बाद मुलाकात हो रही है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि “मैं तो कहती हूं कि रामराजा आपको मुख्यमंत्री बना दें।” इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद लोगों का ध्यान भी इस बातचीत की ओर गया।
क्या कहा इमरती देवी ने?
रिपोर्टों के मुताबिक, ओरछा के रामराजा मंदिर परिसर में इमरती देवी और कृष्णा गौर की मुलाकात हुई। इसी दौरान इमरती देवी ने कृष्णा गौर को गले लगाते हुए मुख्यमंत्री बनने की बात कही।
उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं इसलिए तेज हुईं क्योंकि यह बात ऐसे समय सामने आई, जब भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी की आगामी रणनीति और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हो रही थी।
कृष्णा गौर ने क्या प्रतिक्रिया दी?
इमरती देवी का बयान सुनकर कृष्णा गौर कुछ क्षण के लिए रुकीं और मुस्कुराती हुई नजर आईं। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इमरती देवी के पास जाकर कुछ कहा और इसके बाद वहां से आगे बढ़ गईं।
हालांकि, कृष्णा गौर की ओर से इस टिप्पणी को लेकर कोई ऐसा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री पद की किसी दावेदारी की बात कही हो। इसलिए इस घटना को फिलहाल एक सार्वजनिक टिप्पणी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के बीच बयान ने बढ़ाई चर्चा
इमरती देवी का यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ओरछा में आयोजित हो रही थी। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कही गई इस बात ने राजनीतिक चर्चा को और हवा दे दी।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बदलाव या नया निर्णय लिया है। इसलिए इमरती देवी का बयान फिलहाल राजनीतिक चर्चा का विषय जरूर है, लेकिन इसे मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के आधिकारिक फैसले के रूप में नहीं देखा जा सकता।
इमरती देवी और कृष्णा गौर कौन हैं?
इमरती देवी मध्य प्रदेश की राजनीति में एक चर्चित नाम हैं और अपने बेबाक बयानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। वहीं कृष्णा गौर मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री हैं।
Lalluram की रिपोर्ट में इमरती देवी को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक बताया गया है। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण उनके द्वारा कृष्णा गौर के मुख्यमंत्री बनने की बात कहे जाने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
क्या यह मुख्यमंत्री पद की दावेदारी का संकेत है?
फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इमरती देवी की टिप्पणी के अलावा मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या भाजपा की ओर से कोई नया निर्णय सामने नहीं आया है।
इसलिए इमरती देवी का बयान राजनीतिक रूप से चर्चा जरूर पैदा करता है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कृष्णा गौर को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर पार्टी में कोई आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।
निष्कर्ष
ओरछा में हुई इमरती देवी और कृष्णा गौर की मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पद को लेकर की गई टिप्पणी ने मध्य प्रदेश की सियासत में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। इमरती देवी का बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक चल रही थी, इसलिए इस टिप्पणी पर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह एक राजनीतिक टिप्पणी है और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस बयान पर भाजपा या अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
स्रोत
Lalluram और Khulasa First की 30 अगस्त 2026 की रिपोर्टों के आधार पर।
